बधाई ! बधाई ! तुर्क सेना हार कर जा रही है
'बधाई ! बधाई ! तुर्क सेना हार कर जा रही है | गढ़ का घेरा उठाया जा रहा है |" प्रधान बीकमसीं(विक्रमसिंह) ने प्रसन्नत…
'बधाई ! बधाई ! तुर्क सेना हार कर जा रही है | गढ़ का घेरा उठाया जा रहा है |" प्रधान बीकमसीं(विक्रमसिंह) ने प्रसन्नत…
सम्बन्धों की फुहारें - भाटी नीम्बा और रतनू भीमा मारवाड़ के चाणक्य कहे जाने वाले भाटी गोयन्ददास के दादा की कथा है यह, उनका …
प्राचीन किले व् स्थान जिनका उल्लेख गजनी टू जैसलमेर बुक में आया हे १.मथुरा -राजा राम के छोटे भाई शत्रुध्न ने इसे बसाई थी…
हिमाचल प्रदेश में भाटी जैसलमेर से भाटियों की ऐक साखा उतर में ऊपर पहाड़ों में चली गयी थी | उस साखा ने वहां दो राज्य १.…
बीकानेर व् जैसलमेरकी संधि सं.१८८५ के युद्ध के पश्चात सं.१८९१ वि.में भारत गवर्मेंट की तरह से कर्नल ट्री.वी पिग ने यहाँ …
भानिदास - वीरमदे का द्वित्य पुत्र भानिदास राव चंद्रसेन की सेवा में रहे | राव चंद्रसेन जब बालरवा गाँव में र…
198 महारावल श्री अखेसिंह (भाटी 59 ) 1722 ई. महारावल श्री अखेसिंह वि.सं.1779 सावण सुद 14 को जैसलमेर के राजसिंहासन पर विर…
:: 195 महारावल बुद्धसिंह (भाटी 56) 1707ई.:: रावल जगतसिंह के स्वर्गवास के बाद वि.सं. 1764 को जैसलमेर के सिंहासन पर बिरा…
:: महारावल सबलसिंह भाटी :: महारावल सबलसिंह जैसलमेर के राज सिंहासन पर संवत 1709 विक्रमी को विराजे | इनके 8 रानिया थी | १…
::गड़सीसर तालाब का निर्माण:: महारावल गड़सी ने शहर के पूर्व में गड़सीसर नामक बड़े सरोवर का निर्माण कराया । वे प्रतिदिन घोड़े…
राजपाल के पुत्र जेतुंग के पुत्र रतनसिंह और चाहड़ ने विकमपुर पर अधिकार ८२७-८७० ई . रहा चाहड़ के पुत्र कोला सर और गिरिराज ने गि…
:: बरसलपुर का गढ़ : बरसलपुर का गढ़ मजबूत रोड़े पथ्थरों से बना हुआ है । इसके सोलह भूर्ज है । पूर्व मुखी दरवाजा है । इसमें …
:: पूगल का इतिहास :: महारावल पुनपाल विक्रमी संवत १३३२ को पदच्युत होकर इधर -उधर नया राज्य स्थापित करने भ्रमण करते रहे । …
::जैसलमेर की भाटी मुद्रा :: महारावल अमरसिंह ने अपने शासन काल में तांबे का सिक्का चलाया । जिसका डोडिया कहते है । इसका वज…
::भाटियों द्वारा साहित्य को प्रोत्साहन :: भाटी शासकों के संरक्षण व् प्रोत्साहन से साहित्य की बड़ी प्रगति हुई । धार्मिक सह…
:: भाटियों द्वारा कला व् साहित्य :: जैसलमेर एक रेगिस्तानी इलाका होते हुए भी भाटियों ने कला और साहित्य को बड़ा प्रोत्साह…
:: भाटियों द्वारा स्थापत्य कला :: स्थापत्य कला में सबसे प्राचीन भटनेर ( हनुमानगढ़ ) गढ़ जैसलमेर के किले है । इनकी गणना चि…
:: जैसलमेर का परिचय :: प्राचीन शहर किले के नीचे भी शहर के चारों तरह बड़ी चोड़ी तथा 20 फीट की ऊँची दीवारों का परकोटा बना ह…
१ . आइनाथ देवी का मंदिर यह हवा प्रोल से ऊपर राज प्रसादों में बनाया हुआ है । यह मंदिर बहुत प्राचीन है । इसमें निराकार काठ की…
:: जैसलमेर शहर का परिचय :: जैसलमेर एक दुर्ग नगर के रूप में है । प्राचीन नगर सारा किले की चार दिवारी के भीतर स्थित है । …